दिल ए अजीयत
कभी सर्दी , कभी गर्मी , कभी बरसात आती हैं तुम्हारे चले जाने के बाद ग़मो की रात आती है ये दिल ए अजीयत को समझाते समझाते दिन और रात बीत जाती हैं क्या करे प्रिए हमे तुम्हारी इतनी याद आती हैं
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