वापसी
वापसी ================== हर बार वापसी से तकदीर, बदलने का है ईरादा, हातोकी लकीरो को पलटके, कुछ कर गुजरनेका है ईरादा। ये खुदा तु हो न मुझसे खपा, चाहे बने दुष्मन सारा जमाना, खुद के दम पे वापसी का है ईरादा, आशीर्वाद तेरा ही सही......, मुझे जोमाने से क्या वास्ता। अच्छे करम पे करम करने का, है नेक मेरा ईरादा, तु सिर्फ हवा दे, तुफा बनकर करु मै, संकटं का सामना। तकदीर सेज्यादा कुछ नही, कौन आया यहा तकदीर बनाने, ऊलझे हुये को सुलझाना मेरा काम है, बाकी तेरा है सहारा; बाकी तेरा है सहारा। ==================== =====================
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
