शांती मार्ग
आज़ादी कि इस हवा में सुकून की साँस लेकर सारा धुंधलापन मिट चला पहचान में आ गए अपने और कबूल करली हमने सारी अंकही माफ़िया स्वीकरके अपने दिल की सच्चाई छोड़ दिया खुदा पर अपने किस्मत का सिक्का नये रास्तों पर चलकर पुरानी मंज़िल पर पहुँचना इसी को कहते ज़िंदगी
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