इन्तेज़ार
उस पर सारी दौलत हारी जा सकती है सारी खुशियां उस पर वारी जा सकती हैं एक शख्स के मिलने से अह्सास हुआ कि इन्तेज़ार में भी उम्र गुजारी जा सकती है उसकी एक झलक पर होश खो दिए हमने रुबरु हो, तो जान हमारी जा सकती है उसके ऊपर हमने अपना सब कुछ हारा जैसे जुए में बाजी हारी जा सकती है एक शख्स.............. उससे हमको इश्क़ हो गया तब ये जाना इश्क में सारी दुनियादारी जा सकती है अब वो हो तो मन मेरा है सब मे लगता वो ना हो तो, खुशियाँ सारी जा सकती हैं एक शख्स .......... वो एक शख्स अब मुझको इतना प्यारा उसके ऊपर दुनिया वारी जा सकती है वो मेरा नहीं फिर भी मेरा सब कुछ उसका इश्क़ में खुद की भी मति मारी जा सकती है कहा है देकर दूजी उम्र का वादा उसने एक उम्र वादे पर वारी जा सकती है आधी उम्र तो काटी तुमने इश्क में मेरे आधी इन्तेज़ार में गुजारी जा सकती है !!
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