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होता नही हर फैसला, सिक्का उछाल कर। ये इश्क़ का मामला है , जरा देख भाल कर। ये मोबाइल के दौर वाले, आशिको को क्या पता हम खत मे रख देते थे, कालेजा निकाल कर।
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