भगत सिंह......
आजादी के पहले..... था एक वीर भारत माँ का.../ जो मार गिराया अंग्रेजो को...// लड़ा निरंतर वह रणभूमि मे../ जब ठान लिया अपने मन को...// उस वीर का नाम भगत सिंह.../ जो बोया था बंदूके बचपन मे..// एक भारत माँ की आजादी का../ संकल्प लिया था अपने मन मे....// गुलामी करना देख ना पता.../ अब भारत माँ पर गोरों की....// चला आहुति देने रणभूमि मे../ है फ़िक्र नहीं अब अपनों की...// अपनी तो है बस भारत माँ ../ इसपे ही अब मर मिटना है...// चाहे मारुं या हो जाऊँ शहीद../ खुशी तो तिरंगे मे लिपटना है...// आजादी के बाद.... आजाद कर दिया भारत माँ को../ अब मर के भी कोई अफ़सोस नहीं..// चढ़ रहा हूँ सूली ख़ुशी - ख़ुशी माँ../ मेरे भारत जैसा कोई देश नही..//
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