ज़िंदगानी 🤔🥺
क्या क्या देखा मैंने ये कैसी जिंदगानी है😔 कभी खिलखिलाती हंसी कभी गमों का साया है निकले थे सुकून की तलाश मे, राहें सारी अनजानी थी 🤗 कैसे मिले प्यार यहाँ, जहाँ परपीड़ा लगे तमाशा 😔 अपने नहीं थे जो छूट गए ये बात मन को समझानी है 🤔 अपनों ने दिए आंसू तो दोस्तों ने सहारा 🥺 कुछ कह ना सके, कोई समझ ना पाया फिर भी मन भटके बीते ज़माने मे ये दिल की नादानी है 😭😭🥺🥺 क्या क्या देखा मैंने ये कैसी जिंदगानी है
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