भारत में भौंकने की आज़ादी है
एक कुत्ता रह रहा था दुबई में पर भागकर आ गया मुम्बई में जबकि वहाँ रह रहा था,ठाट-बाट,चक-चक स्वर्णाभूषण से पूरा बदन लक- दक खाने-पीने को एक से एक मेवा नौकर चाकर करते अहर्निश सेवा स्नान से लेकर शौच कराने का बहलाने से लेकर टहलाने का अलग -अलग नौकर -चाकर बहुत ही चाक-चौबंद व्यवस्था धाकड़ एक पैर पर सभी नौकर खड़े रहते थे सभी श्वान महाराज का ध्यान रखते थे इन सब सुख सुविधाओं को त्यागकर वह कुत्ता आ गया भारत भाग कर क्यों भागा दुबई से ,यहाँ पत्रकार पूछने लगा उसके मुंह में माइक ठूँसने लगा। कुत्ता बोला -सब कुछ था वहां रहन -सहन का स्तर ऊंचा था वहां पर भौंकने की आज़ादी नहीं थी यह मेरे लिए कड़ी सजा से कम नहीं थी अब भारत में भौकेंगे जी भरकर लोगों को देखते ही,आंखे तरेरकर भारत एक अनूठा लोकतंत्र है यहॉं कोई कुछ भी भौंकने को स्वतंत्र है। नरेंद्र सिंह 10.12.2023
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