बहुत प्यारे हो तुम
डेटिंग एप पर हुई थी वो पहली मुलाकात तुम्हें देखते ही बज गया था,दिल का गिटार थोड़ी सी बातें हुईं ,तुम दूर चले गए कनेक्शन हो गया था गहरा,शायद इसीलिए जुड़े रहे तार। मुझे तुम अच्छे लगे,निश्छल से बच्चे लगे तुम्हे भी मुझमें शायद कुछ दिलचस्पी हुई थी फिर भी सामान्य सब,उलझा सा ही था तुमने अचानक एक मैसेज किया था क्या कर सकते हैं दोनो छोटी सी कॉल दो घंटे था लगभग जिसका शारांश । टिंडर से इंस्टा,इंस्टा से वव्हाट्सएप्प तुम्हारी वो प्यारी सी नागिन सी आंखे कहर ऐसा ढाती हैं,घायल हो जाता हूं कर के तुमसे गुफ्तगू सुकून बड़ा पता हूं कितनी हसीन थी वो पहली मुलाकात अपने होम टाउन का विशाल मेगा मार्ट कितने हसीन बन तुम आए थे उस दिन वो आंखे नशीली और मुखड़ा था चांद कुछ पल की बाते,और थोड़ी शरारत तुमने था पकड़ा जब हाथो में हाथ कितना सुखद था वो,प्यारा एहसास। सर्दी का मौसम और आधी वो रात आए जब मिलने,तुम मेरे पास लगा मुझको ऐसा,की क्या मिल गया है बड़ी ही हसीन और यादों की रात मिला जब था तुमसे मैं फिर अगली बार ये मासूम सा चेहरा और लम्बी कहानी झेली थी तुमने ,stupit सी नादानी सड़क के किनारे,वो झप्पी तुम्हारी वो प्यारी सी मीठी सी पप्पी तुम्हारी बहुत प्यारे हो तुम,बड़े खास हो यार♥️
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