हमारे गाँधी जी
आज का दिन है गाँधी जयंती का, हमारे प्यारे बापू के जन्म दिवस का। तन पर रहती जिनके धोती और हाथ में लाठी, पर कभी ना उठायी उन्होंने हिंसा में वह लाठी। लाये वे क्रांति अहिंसा और उच्च विचारों से, बतलाई यह बात उन्होंने जन-जन से। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चल उन्होंने आज़ादी दिलाई, क्योंकि इसी में थी देश की भलाई। कौन जानता था करमचंद और पुतलीबाई का ये लाल, करेगा अंग्रेजो की विफल हर चाल । थे वे पोबंदर से, गहरे थे वे समुन्दर से। स्वतंत्र भारत था उनका सपना, क्योंकि वे मानते थे हर देशवासी को अपना । चलाया उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन को, जोड़ा उन्होंने जन-जन को । जब लगाया अंग्रेजो ने नमक पर कर, तो दिया जवाब गाँधी जी ने नमक सत्याग्रह कर। कहलाये वे राष्ट्रपिता, जिन्होंने हर किसी का दिल जीता। Varsha
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