पहलगाम आतंकी हमला
कैसे थमेगा उन आंखों का पानी , जिन्होंने अपने सामने परिवार खो दिए , खून से सनी वादियां देख, आज फरिश्ते भी दिए ! कोई रंजिश नहीं थी आपसी, अभी भी " धर्म " मुख्य बिंदु था शायद गलती उन्हीं निहत्थों की थी , क्योंकि मज़हब उनका हिंदू था ! देश में आजादी से घूमना , ये कसूर उनका सारा है , "धर्मनिरपेक्ष " राष्ट्र में , एक एक को धर्म पूछ कर मारा है ,
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