एक तरफा प्रेम
शीर्षक :- एक तरफा प्रेम दिल करता है कि प्यार का इजहार कर दू तुमसे लेकिन डर सा लगता है की खो ना दू तुम्हे दिन रात सोचता बस तुमको मानता बस तुमको हूं मै क्या करू तुम्हीं बता दो मेरे हम दम मैं जियू या मरू प्यार इस कदर हुआ है तुमसे ऐ सनम ना सोता हूं , ना खाता बस मै तो केवल तड़पता हूं ये इश्क भी क्या चीज है मैं तुमसे एक तरफा इश्क कर बैठा ना इजहार कर पा रहा हूं ना जी पा रहा हूं डरता हूं कि कहीं खो ना दू तुम्हे डरता हूं कि कहीं ना , ना कह दो तुम कैसे कह दू मै तुम्हे कि प्यार करता हूं मैं तुमसे ऐ मेरे दिलबर दिल करता है कि प्यार का इजहार कर दू पर डर सा लगता है मनोज सोरेन दुमका झारखंड Email- manojsoren5290@gmail.com✍️✍️
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