इश्क़ ए दौर
ख़यालों में भी रहना है मगर दिल से निकलना है आज के आशिकों को भी यूँ मुश्किल से निकलना है कहानी चार दिन की हो गयी बस खत्म करनी है अब रिश्ते से निकलना है मगर मिलके निकलना है
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