तेरा साथ
कितनी दफा तेरा साथ चाहूंगी तू कभी कुछ ऐसा कैसे कर जाता है कदम कदम बहुत बातें हैं हमारी आइना मेरे मन का तेरा अक्स चाहता है तू ही शिकायत तो तू ही आराम तू ही सारा झगड़ा,तू ही लगाम मेरे सब अलफाजो का तू ही विराम मेरी सहर में मेरी शामों में है तेरा होना हमेशा निगाहों में है है फकत इतंजार मेरे लम्हों में तेरा ये जिंदगी आसान तेरे नाम से है
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
