सीनेमा ऑपरेटर
सीनेमा आपरेटर ====================== एक सीनेमा ऑपरेटर की काहानी, क्या खुब होती है. पिच्छर चालु होणे के बाद, सब आनंद ऊठाते है वहा......., ऑपरेटर की जबाबदारी बढ जाती है. रील अटक जाने के डर से, ऊस की दिल की धडकन बढ जाती है, फीर चैन ऊसे कहा ....., आजकी छोटी गलती!,... ऊस की रात की नींद भी उडा देती है, कानोमे, पब्लिक का..... शोर, सीटीओ की गुंज, और कुछ भद्देसे काॅमेंट मे...., ऊस की सारी रात... दहशत मे गुजर जाती है. फीर सच्चे हीरो की काहानी भी ऊसे, झुटी झुटी लागती है..., हर रोज पिच्छर और परीवार ऑपरेटका बोज, एक तीन उसे दिलका मरीज बणा देती है. यही सच्चे ऑपरेटर की यहा काहीणी है, यही सच्चे ऑपरेटर की यहा कहाणी है. ==========================
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