न नाज़े क्यों।
न जाने क्यों ये अहसास हुआ. कि तुम आसपास ही हो। न जाने क्यों ये अहसास हुआ जैसे मेरे पास ही हो। न जाने क्यों ये अहसास हुआ। कि हम मिलेंगे नहीं। न जाने क्यों ये अहसास हुआ। तुम्हे भूलेंगे नहीं। न जाने क्यों ये अहसास हुआ। कि यादों मे जी लेंगे। न जाने क्यों ये अहसास हुआ। दर्द के घूंट पी लेंगे। poet:- rahul dhanbadi
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