स्त्री...
स्त्री......🙏 गुम हो जाती है अपनी जिम्मेदारी मे👱♀️ खो जाती है सबको संवारने मे🧑🦳 थक हारकर बैठ अकेले मे करती खुद से बातें 🙆♀️ चंद लम्हे खुशियों के पाकर सारे गम भूल जाती है 👨🍳 स्त्री तू पहचान खुद को ये मत सोच क्या वजूद है तेरा 🧕 लक्ष्मी, दुर्गा, सरस्वती तेरे रूप बहुतेरे, तुझसे ही है ये संसार सारा 🤰 # स्नेहा मिश्रा
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