पधारो मेरे घर बजरंगबली
“जय जय श्री राम, जय जय श्री राम” “दिन आज का मंगलमय मंगलवार है, हनुमान जी को प्रणाम, नमस्कार है।“ पधारो, पधारे मेरे घर, वीर बजरंगबली, बुला लो, बुला लो दर, हे बजरंगबली! सूना सूना घर आंगन लगता तेरे बिन, सूनी सूनी लगती पवनसुत, गली गली। पधारो, पधारो…………… तुम जहां, प्रभु श्री राम वहां पर रहते, तुम बिन राम अधूरे, लोग सारे कहते। तेरे भय से पाप अधर्म सब भाग जाते, असुरी शक्ति में, मच जाती खलबली। पधारो, पधारो……………. तेरे लिए क्या मंगलवार, क्या रविवार? श्री राम के आगे, नतमस्तक है संसार। तेरी गदा के आगे, हर शक्ति लाचार है, तेरे आगे, कांटे हो जाते कली मखमली। पधारो, पधारो…………… जो लेता तेरा नाम, दूर हो जाता है डर, तेरे नाम का है, दुनिया में बड़ा असर। जहां पर विराजमान तुम होते बजरंगी, तेरे सेवकों को, हर चीज लगती भली। पधारो, पधारो………….. दुनिया से हर महामारी तुम भगा दो, सारी खुशियां लौटा दो हे बजरंगबली! हे पवनसुत, आज पवन हुई जहरीली, घोल दो हवा में तुम मिश्री की डली! पधारो, पधारो…………. शिवकुमार बर्मन ✍️
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