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अरशा बिता की मेरे घर में, न जाने कोई आया, कोई रहता है मेरे घर मे, बताने कोई आया। रूबरू जो अक्स से मेरे, कराने कोई आया। आईना को आईना क्या है, दिखाने कोई आया ये खबर है मेरे दरवाजे, खड़े हैं मेरे कातिल, शुक्र है आखिर चलो, इस बहाने कोई आया।
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