हीर
आज एक तस्वीर बनाई है मैंने। मानो राँझे की हीर बनाई है मैंने। पहले मिलाया है उनको फिर बिछड़ गए। कुछ ऐसी तकदीर बनाई है मैंने। आज एक तस्वीर बनाई है मैंने। मानो राँझे की हीर बनाई है मैंने। उसकी जुल्फों की छांव में सो जाता था रांझा। उसके पास आकर उसका हो जाता था रांझा। जैसे खो जाते राधा में मोहन । उनमें अक्सर ऐसे खो जाता था रांझा। मिलकर दोनों की तकदीर बनाई है मैंने। आज एक तस्वीर बनाई है मैंने। मानो राँझे की हीर बनाई है मैंने।
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