रेलगाड़ी
रेलगाड़ी ना दोस्त, ना दुश्मन, कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ राहगीर। बहलते बच्चे, वयस्क अधीर, खिड़की की लड़ाई, चने और मुड़ी, खींचती जंजीर। सांस को जगह नहीं, लटके पड़े कतार में, बिन टिकट की सीट, जो ना मिले, ढ़ेले की तकदीर। समोसे की खुशबू, कचड़े की बदबू, देश की व्यथा, कुछ तंज के छौंके, और बड़बोले फकीर।
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