मगही भासा महान -नरेंद्र
मगही हम्मर आन हे, मगही हम्मर सान हे। मातरी भासा मान हे, ई हम्मर पहचान हे।। इहाँ के जे रहबैया, बनs मगह गुन गबैया। कनहु जा ठिकाना लिहs, मगही के नै भुलइहs।। जनम से इहे ह सुनलs, सुरु से एही ह गुनलs। मगही बोलल तू करs, बोले में नै तू डरs।। बोली पर करs गुमान, मगही हे हम्मर सान। मातरी भासा मान हे, ई हम्मर पहचान हे।। नरेंद्र सिंह, गया
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