शीर्षक : बोल जरा हो
(मुखडा) बोल जरा हो दो लफ्जों तुम जरा खोल जरा दिल के दरवाजे तुम जरा (अंतरा ) मेरी कहानी मे एक नया रोड है इस जवानी के तु ही एक मोड है (अंतरा) बात जरा हो दो लफ्जों से कहे जरा खोल जरा दिल के दरवाजे तुम जरा (मुखडा) चुप क्यों है हम तुम करे इजहार प्यार मे हम दोनो अब हुवे बेकरार (अंतरा) खेल जरा हो दो लफ्जों से अब जरा खोल जरा दिल के दरवाजे तुम जरा धनराज नथू बाविस्कर नावरा धुळे मो.9016031712
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