ईश्वर
ईश्वर ==================== ईश्वर तु किंतना भोला, सब जानते हे तुझे ...., देव और दानव और माणव, भलाई के लिये तुने विष पिया. फिर बी तूझे समजते है ये नशेडी, ये नशव्वर लोग, जग क्या जाने... तेरे बारे मे पुरा सच, आधे आधुरे ज्ञान पे टीकी ये दुनिया. प्रभृ कृपा करो...., ईनकी बुद्धी भ्रम ठीक करो. ये जमीन आसमा क्या है, ये हवा ये दर्या पाहाड क्या है, ये पंच तत्व ये ब्रम्हा़ड क्या है. हवा दीखती नही फिरभी हमारी सास, उसीसे चलती हे...., ये धरती अंबर क्या है...,!. हे प्रभु समजा दो ईन्हे, अधिक सब मे तो...., ईश्वर तु ही तु है..... ईश्वर तु ही तु है . =====================
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