गाना
इतनी शक्ति मुझे देना भगवन कि मैं नहा सकूँ; मैं नहा सकूँ,मैं नहा सकूँ,तेरा भजन मैं गा सकूँ। ठंड बढ़ गई है इतनी कि मैं हिम्मत हार रहा हूँ; जल को देखते ही प्रभु,मैं थर थर कांप रहा हूँ। बिन नहाए,धोए भगवन,पूजा कैसे करूँ मैं तेरी; बिन पावन हुए,कैसे,पूजाजगह में जाऊं मैं तेरी। इतनी शक्ति मुझे देना भगवन कि मैं नहा सकूँ; मैं नहा सकूँ,मैं नहा सकूँ,तेरा भजन मैं गा सकूँ। भक्त बाथरूम में डरा है,भगवन तू हिम्मत देना; कृपा मुझ पर कर प्रभु,सभी भय को हर लेना। अगर न साहस दिया तो,स्नान न कर पाऊँगा; बिना तेरी पूजा को,दिनभर भूखे रह जाऊंगा। इतनी शक्ति मुझे देना भगवन कि मैं नहा सकूँ; मैं नहा सकूँ,मैं नहा सकूँ,तेरा भजन मैं गा सकूँ। नरेन्द्र सिंह 06.02.2024
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