जिंदगी
हर ग़म भुलाने को जी चाहता हैं, फिर से बचपन वाले दिन वापस लाने को जी चाहता हैं, पर घर सम्हालने का , घर वालो का जीवन सवारने का , जिम्मेदारियो की वजह से रुका चला जाता हैं । यह ईश्वर का बनाया हुआ समय, बीता हुआ वापस थोड़ी आता हैं। हर किसी को जीवन के इस पहलू से गुजरना पड़ता है , जहाँ दिन और रात देखे बेगार खुद को रगड़ना पड़ता है । हर किसी की किस्मत एक जैसी नहीं होती , कोई अपने सपनों की जिंदगी जीना चाहता है, तो कोई अपने सपने वाली जिंदगी को सच करना चाहता हैं। कोई नींद में सपने देख कर खुश हो जाता हैं, तो कोई अपने सपनों के लिए नींद तक को छोड़ के काम पर लग जाता हैं। ईश्वर भी सबसे मुश्किल किरदार उसी को दे पाता हैं, जो उसे निभाने की हिम्मत दिखा पाता हैं। बस जो इतनी हिम्मत दिखा पाता हैं, ईश्वर भी उसकी मदद करने में पीछे कदम थोड़ी हटा पाता हैं।
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