महान शौर्य वीरता
मापनी- 122-222-22, 1212-1212 प्रखर लौ दहके सीने में,महान शौर्य वीरता। बढ़ाओ आगे पग वीरों, रखो अपार धीरता।। बचे न वहाँ आतंकी जन, बने शिकार सैन्य का। करो उसकी बर्बादी अब, मिटे स्वभाव दैन्य का।। चढ़ाई हो अब दुश्मनों पर, मिटे तुरंत धूल में। कुचल डालो क्षणभर में ही,रहे न शत्रु भूल में।। हमें गौरव है सेना पर, सुयश सदा इसे मिला। मिटाओ नक्शा अब उसका, रहे नहीं तनिक गिला।। कहर बरपाओ दुष्टों पर, मिले सभी कराहते। तिरंगा जाकर फहराओ,बढ़े चलो दहाड़ते।। कदम अब अपना रोको मत, विनष्ट पाक को करो। बँटे वह टुकड़े-टुकड़े में, उदग्र नाक को करो।। नरेंद्र सिंह 13.05.2025
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