डर लगता है
तुम तन्हाई की बात करो तो अच्छा है, शोर से मुझे डर लगता है। अकेले चलने में क्या बुराई है , हां ,मुझे भीड़ से डर लगता है। वक़्त, हालात की बात मुझ से ना कर, मुझे झूठे वादों से डर लगता है। तुम डराने की सारी हदें पार कर लो मुझे ,मेरे गुस्से से डर लगता है। किस्मतों के खेल बेशक न्यारे होते है, मुझे मेरी हाथों की लकीरों से डर लगता है Mona Pareek
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