कहने को बहुत कुछ है..!!
कुछ बाते हैं जो शायद ही अब कह पाऊं तुमसे, अब तुम तो मेरे ना रहे बस तेरी यादों का सहारा है.. तुमसे जुड़ी थी हर खुशी मेरी, अब तो बस गमों ने घेरा है.. कभी जो रात बातों में बीत जाती थी, अब यादों में बीत जाती है.. वो रातों में जागना, वो सपने संजोना याद है तुम्हें.. बातों ही बातों में लड़ना - झगड़ना याद है तुम्हें.. कहने को तो बहुत कुछ है पर अब किस्से कहूं, आज भी मेरे दिल पर नाम सिर्फ तुम्हारा है.. तेरे बाद भला कौन अब हमारा है..!!
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
