प्रियसी की चेतावनी (तोटक छन्द
पहले कुछ है तुझसे कहना, मुझसे मिलना जब दे गहना; मिलना जुलना अब बंद करो, अपने घर की अब राह धरो। प्रियसी गहना बनबा कर ही, समझो मिलना तुझसे तब ही; हर हाल तुम्हें खुश है रखना, सर हाज़िर है जब भी कहना। नरेंद्र सिंह 22.05.2024
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
