आवाज उस हादसे की
रोज एक याद आती है दर्दभरी आवाज आती है । आवाज उस हादसे की जो हुआ था मेरे साथ होता रहा फिर बार बार । आवाज उस हादसे की खून भरती जो आंखों में मेरी चीर डालती आत्मा को मेरी । आवाज उस हादसे की गूंजती हर शाम कानों में । एक चुभन उस हादसे की एक घुटन उस हादसे की जो कभी ठीक नहीं हो सकती जो कभी मिट नहीं सकती कभी नहीं मिट सकती ।।। ज्योति।।।।
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