आप धीरे धीरे मरने लगते हैँ.
आप धीरे धीरे मरने लगते हैँ... जब आप रखते हैँ उम्मीद दूसरों से आपको नहीं रहता ध्यान अपने स्वाभिमान का आप पालते हैँ बेहिसाब ख्वाहिशेँ तब आप धीरे धीरे मरने लगते हैँ...😔 जब बेपरवाह होते हैँ आप खुद से जीते हैँ सदा एक जीवन शैली मे नहीं बदलते खुद को, अपनी ज़िन्दगी को तब आप धीरे धीरे मरने लगते हैँ...😒😭 आज को छोड़ बीते कल मे जीते हैँ निश्चित को अनदेखा कर अनिश्चित के लिए रोते हैँ जिन्हे याद कर आपकी ऑंखें होती हैँ नम उनको ही याद करते हैँ तब आप धीरे धीरे मरने लगते हैँ...😔 रोज अपने अंतर्मन से लड़ते खुद ही अपने जहन से करते सवाल खुद ही जवाब देते हैँ हर बार अपनी व्यथा को कह नहीं पाते मन ही मन विचार टकराते हैँ तब आप धीरे धीरे मरने लगते हैँ...😒
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