स्त्री
सिर पर पालू नहीं, सिर पर ताज रखो दबना नहीं बाहर निकलना सीखो, रुकना नहीं चलना सीखो गहने आपका शृंगार नहीं है, अपनी पहचान को शृंगार बना लो इस भीड़ में अपनी , पहचान बना लो
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