मौसम
मौसम है बड़ा सुहाना इन हवाओं ने आज फ़िर मुझे मेरे हमसफ़र की याद दिलाने को चुना वाकई, मौसम में उसकी गरमाहट आज भी महसूस हुई मुझे इन हवायों में उसकी खुशबू आई दिल भी महक उठा हसी भी खिल उठी जब उसकी याद इस खुशबू में आई बस किसी दिन वो भी मेरे साथ इस मौसम को महसूस करे मौसम भी बरसने के साथ खिल उठेगा; अब तो हर घड़ी उसको ही मेरा दिल भी याद करे उसकी मुस्कुराहट वाला चेहरा जब आखों के सामने आये तो मेरी मुस्कान भी खुद ही रास्ता बनाये शायद इसलिए क्योंकि तू मुझे इतना ज़्यादा भाए
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