। ✨ एक नई झलक ✨ ।
सभ्र करने से होता क्या जब मन में है नही पूर्ण विश्वास एक बार रख कर तो देख प्रभु में आश फिर देख क्या लगता है तेरे हाथ क्या आता है तेरे पास मंजिल तो छोटी सी है बस लहरे थोड़ी तगड़ी है थक कर हार मान गए थे सिर्फ इसलिए शायद हालत बिगड़ी है मेहनत कर समय दिया है तुझे पर्याप्त अब शुरू कर शून्य से फिर देख क्या होता है तुझे प्राप्त अभी 2 माह का मिला वक्त बस होजा थोड़ा सा शक्त प्रयोग कर अपने आप फिर बाद में मत कहना की अगर होता ऐसा काश तो शायद नही होता में उदास समय है नष्ट वहा मत कर करना है तो बो कर जो खुद और खुदा को भाए जिसे करने से तू व संपूर्ण जगत मुस्कुराए मन की शीतलता ही तो दिमाग से जुड़ी है तभी तो दुखी होने से बत्ती उखड़ी है ।
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