अधूरे ख्वाब
• अधूरे से ख्वाब.. एहसास होगा मुझे उम्र भर, होंगे ना इन हाथों में तेरे हाथ... मेरे तरह ही रह जाएंगे, कुछ अधूरे से मेरे ये ख़्वाब ! ढलेगी जब ये शाम तब तू ना होगा मेरे पास, हां, मेरे तरह ही रह जाएंगे कुछ अधूरे से मेरे ये ख्वाब ! निंदों में तेरे सपने लिए, खुलेगी जब ये आँख, ढूंढेंगे तुझे .. तू ना होगा मेरे पास। हां मेरे तरह ही रह जाएंगे कुछ अधूरे से मेरे ये ख्वाब मनोज सोरेन✍️✍️✍️ Email -manojsoren5290@gmail.com Mob -7667826589 contact/whatsapp Dumka Jharkhand
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
