तेरा दिया प्याला
तेरे दिये प्याले से तेरे इश्क का स्वाद आज भी चखते हैं हां कॉफी थोड़ी कम गर्म पसंद है मगर दिल में जज्बातों का उबाल रखते हैं। लग न जाए धोने में कोई क्रैक इसलिए स्क्रबर मुलायम रखते हैं कभी यूंही हाथों से छूट बिखर न जाए इसलिए डब्बे में बंद रखते हैं ए जिन्दगी तू बेमुरव्वत निकली तो क्या हम आज भी वफा से ताल्लुक रखते हैं.............................
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