एहसास
साँस से रुह तक का सफर खाली था जैसे कुनबे बिना पूरा घर खाली था उसके आने से पूरी हुयी जिंदगी मैं पूरा तो था दिल मगर खाली था वो गया तो मिली मुझको उसकी खबर वो रहनुमा नहीं जादूगर खाली था उम्र भर का वादा क्यूँ उसने किया चंद लम्हों का मेहमां अगर खाली था लोग रहते तो थे शायद दिखते ना थे उसके जाने से जैसे शहर खाली था
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