उम्मीद
जब उम्मीद टुतने लगे समझो किसी का साथ छुटणे लगे इस कदर मोहब्बत थी उस इन्सान से उसने तो पुरी जिंदगी तोड दि
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
जब उम्मीद टुतने लगे समझो किसी का साथ छुटणे लगे इस कदर मोहब्बत थी उस इन्सान से उसने तो पुरी जिंदगी तोड दि
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets