विरासत
विरासत ===================== खुन पसीने की कमाईसे, ऐसा दर्या खोदा माॅंबाबा तुमने, जो संस्कारोपे पला बढा है, जो पुर्वजो की देन है. लाख कमाईसे भी ये बेहतर है, क्या धुंडु कासी, क्या वाराणसी, सबसे सुंदर तुम्हारा दील है, जो विरासत मे मीला हमारी किस्मत है. बोहोत खुष हु तुम्हारी दयासे, नाराजगी तो नजर अंदाज करता हु, तुम्हरे प्यार के साहारेही........, जाने कितनी आने वाली पिढीया महफुज है. क्या मीला तुम्हारा रीस्ता मुझे, नसीबसे............, माॅंबाबबा......!, ईश्वर को तो मै पुजताहु....., मगर तुम्हे तो मै..., हमेशा मेरे दील मे रखता हु....., हमेशा दील मे रखता हु. ============================
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