भारत रत्न से सम्मानित
धूल और धूएं की बस्ती में पले एक साधारण अध्यापक के पुत्र हमारे बिहारी जी कहलाए एक भारतीय कवि लेखक और राजनेता हमारे बिहारी जी कहलाए भारतीय जनता पार्टी के वह चाहने वाले थे ऐसे हमारे बिहारी जी थे जिन्होंने रामचरितमानस को अपनी प्रेरणा का स्त्रोत माना सदैव श्री राम की तरह सत्य पथ पर चलना सिखाया अटलअटल बिहारी वाजपेयी जी अटल अपने पथ पर वे निरंतर चलते रहते थे राह पर आए कई बाधाएं फिर भी वह वीर कहलाए सत्य पथ पर तुम चलना बिहारी जी ने सिखाया होकरर स्वतंत्र बिहारी जी ने कब चाहा है बना लूं जब को गुलाम बिहारी जी ने तो सदा सिखाया है बना लो मन को गुलाम
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