"लुईसे: उम्मीद की रोशनी"
तेरी आँखों में देखती हूँ अपना अक्स, वही ख्वाब, वही दर्द, वही उलझा सा वक़्त। तेरी बातें जैसे मेरे दिल की ही सदा हों, तेरी ख़ामोशियाँ भी मेरी आवाज़ सी लगती हों। तूने हर तूफ़ान को सीने से लगाया, अपने ज़ख्मों को ख़ुद ही सहलाया। तेरी राहों में अंधेरा था फिर भी चली, तू ख़ुद से ही हर जंग जीती, न कभी झुकी। तेरी हँसी में है एक उजाला छुपा, जैसे बादलों के पीछे सूरज का रस्ता खुला। तेरी मुस्कान से दिल को राहत मिलती है, तेरी ख़ुशी में ही मेरी दुआ बसती है। चाहे कितनी भी स्याह रातें तुझ पर बरसी हों, मेरी उम्मीद कहती है, एक दिन सुबह तुझमें ही हंसी होगी। तेरी ज़िन्दगी के हर अंधेरे को रोशनी में बदलते देखूँगी, तेरे सपनों को हकीकत में खिलते देखूँगी। तू बस यूँ ही चलती रह, मुस्कुराती रह, हर मुश्किल को जीतती रह, क्योंकि तुझमें वो हौसला है, जो अंधेरों को भी रोशन कर दे। 🌿❤️
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