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कमबख्त दुहाई दे रहा था की वो थक सा गया,यूं बात करते करते क्यों खोल गया,सारे राज कहते कहते कहते हैं की वो एक अनमोल नगीना था पर छोड़ दिया साथ,यूं राह चलते चलते मैं तो एक अधूरी कहानी हूं, अजी कौन कहता है,किताब पढ़ते पढ़ते। ......उत्पल
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