खेल आगसे
खेल आगसे =========================== खेल मत खेलो कयामत का, हर वक्त बारीश थोडे आयगी , पाणी दालकर बचाने तुम्हे, खतरनाक खेल है ये आग का, कही भारी न पड जाये. वक्त बे वक्त माचीस लीये क्यु, नीकलते हो धुवा ऊडाने सीगारेट का, सुलगी काडी संभल कर फेकना, ईधर ऊधर..........!, बाहर.... , बहोत कचरा भरा पडा है, कुडेदान मे. लापरवाही से कही..., आग लग गायी तो.. फीर, मुस्कीलही है फिर, चीखोको बचाना. ईसलिये जरा संभल के, आग है ये....!, खतरा सिर्फ एक जान का नाही, आनगीनत चीखे गायब, खाक मे इरादा क्या..., जीवन भर है ढुंढने का ?..., जीवन भर है ढुंढने का . ••••••••••••••••••••••••••••••••••••
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