नंदनंदन
नन्द नंदन,कोटि वंदन । कृष्ण मोहन,रूप सोहन । योग साधक,मुग्ध मादक। मित्र पालक,शत्रु घालक ।।1 काट गर्दन, नीच मर्दन । नंद नंदन,धेनु स्पन्दन।। धर्म रक्षक ,दुष्ट भक्षक। चक्र धारक,भक्त तारक।। 2 राम हो तुम,श्याम हो तुम। कंत हो तुम, संत हो तुम।। ज्ञान हो तुम, मान हो तुम। आप्त हो तुम,व्याप्त हो तुम।।3 नरेंद्र सिंह, गयाll 07.02.2025
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
