.
बंदे हैं हम उसके हम पे किसका ज़ोर उम्मीदों के सूरज निकले चारों ओर इरादें हैं फौलादी हिम्मती हर कदम अपने हाथों किस्मत लिखने आज चले हैं हम....
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
बंदे हैं हम उसके हम पे किसका ज़ोर उम्मीदों के सूरज निकले चारों ओर इरादें हैं फौलादी हिम्मती हर कदम अपने हाथों किस्मत लिखने आज चले हैं हम....
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets