मगही दोहा
राम बनs निके करम करइत रहs, इहे धरम परधान। जिनगी तोहर होत धन, बढ़तो तोहर सान।। माय बाप के बात पर, राम छोड़लन राज । अइसन अदमी अब कहाँ, लोभ मोह से बाज ।। आझ कउन अइसन भला, रखे बाप के मान। आझ इंच ला भाय के, ले हय तुरते जान।। राम लला के जीवनी, सब ला हय उपदेस। राम राज तब लौटतो, मिटतो बैर कलेस।। करनी बढ़िया कइलका, बनला प्रभु श्री राम। साधु संत के काम आ, अमर भेल जग नाम।। नरेंद्र सिंह 07.05.2025
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