मैं भी राष्ट्र प्रेमी हूँ
भले नहीं सीमा पर मैं हूँ, नहीं मैं अस्त्र-शस्त्र धारी हूँ । लिख कविता जोश मैं भरता , मैं तो एक कलमकारी हूँ।। शब्दों के बमगोलों से मैं, प्रेरित करता मैं जन-जन को। मृत प्राय लोग भी कविता पढ़, हैं हिलाते अपने तन-मन को।। राष्ट्रभक्ति का गान सृजन कर, लोगों में भाव जगाता हूँ, सेना को आदर नमन हेतु लोगों को पाठ पढ़ाता हूँ।। भले नहीं सीमा पर मैं हूँ, नहीं मैं अस्त्र-शस्त्र धारी हूँ । लिख कविता जोश मैं भरता , मैं तो एक कलमकारी हूँ।। नरेंद्र सिंह 10.05.2025
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