❤️नारी तुम हो सबकी आशा ❤️
नारी तुम हो सबकी आशा किस शब्दों में दूं परिभाषा । खुशियों का संसार हो तुम , प्रेम का आकार हो तुम , घर आंगन को रोशन करती, सूरज की दमकार हो तुम , कभी कोमल फूल गुलाब सी , कभी शक्ति के अवतार सी , कभी ईश्वर के चमत्कार सी , नारी तेरे रूप अनेक किन शब्दों में तुम परिभाषा, नारी तुम हो सबकी आशा ।
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