चैता
हिंदी सम्मेलन में जाइब हो रामा, जब अइतय सनिचरवा। हिंदी सम्मेलन में जायब हो रामा, जब अइतय सनिचरवा। अयतय सनीचरवा हो,अयतय सनिचरवा-2 सभे उहाँ सुनावय हो रामा, अप्पन गीतिया अउ गनमा। सभे उहाँ सुनावय हो रामा, अप्पन गीतिया अउ गनमा। हम्महूँ चैता सुनायब हो रामा, जब अयतय सनिचरवा। हम्महूँ चैता सुनायब हो रामा जब अयतय सनिचरवा।। अयतय सनीचरवा हो,अयतय सनिचरवा-2 केतना के मीठी बोलिया रामा, सभे के मनमा के मोहइ, केतना के मीठी गीतिया रामा, सभे के मनमा के मोहइ।। हम्महूँ मोट बोलिया में गायब हो रामा, जब अयतय सनिचरवा।। माँ सरसती के गुन गायब हो रामा जब अयतय सनिचरवा।। हिंदीं सम्मेलन में जायब हो रामा, जब अयतय सनिचरवा।। अयतय सनीचरवा हो,अयतय सनिचरवा-2 नरेन्द्र सिंह, गया
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
